संस्कृत VVI Questions part – 02

संस्कृत VVI Questions part – 02


Q.1. संस्कार के विषय के प्राचीन ऋषियों की क्या कल्पना थी ?

उत्तर – ऋषियों की कल्पना थी की जीवन के सभी मुख्य अवसर पर वेदमंत्रों का पाठ , बड़े लोगों का आशीर्वाद , हवन और परिवार के सदस्यों का सम्मेलन हो | 

Q.2. आधुनिक संस्कृत लेखिका क्षमाराव के बारे मे लिखें |

उत्तर – आधुनिक लेखिकाओं मे क्षमाराव का नाम आदर से लिया जाता है | उन्होंने ‘ शंकरचरितम् ‘ लिखकर अपने पिता की विद्वता के साथ-साथ अपनी भी कीर्ति फैलाई | गांधी के दर्शन के उपरांत उन्होंने सत्याग्रहगीता मिरारणहरी कथामुक्तावली ग्राम्यज्योति आदि अनेक गद्य: पद्या ग्रंथों की रचना की |

Q.3. पंडित का कैसा स्वरूप है ?

उत्तर –  जिसके कर्म को सर्दी-गर्मी , भय-आनंद , उन्नति-अवनति बाधा नही डालते हैं उसे पंडित कहते हैं | इतना ही नहीं , सभी जीवों के रहस्य को जानने वाला तथा सभी कर्मों के कौशल को जानने वाला पंडित कहलाता है | मनुष्य मे उपाय जानने वाले भी पंडित कहलाते हैं |

Q.4. आत्मा का  स्वरूप कैसा है ?

उत्तर – कठोपनिषद मे आत्मा के स्वरूप का बड़ा ही अपूर्व विश्लेषण किया गया है | आत्मा मनुष्य की हृदय रूपी गुफा मे अवस्थित है | यह अणु से भी सूक्ष्म है एवं महान से भी महान है | इसका रहस्य समझने वाला सत्य का अन्वेषण करता है तथा वह शोकरहित होता है |

Q.5. आर्य समाज की स्थापना कब और किनके द्वारा किया गया था ? 

उत्तर – आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती के द्वारा 1875 ई० मे किया गया था |

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