Accounts VVI Questions Part – 03

Accounts VVI Questions Part – 03


Q.1. प्राप्त लाभ अनुपात और त्याग अनुपात में दो अंतर बताएं ।

उत्तर : -प्राप्त लाभ अनुपात और त्याग अनुपात में दो अंतर निम्नलिखित है

   प्राप्त लाभ अनुपात : – लाभ प्राप्ति अनुपात की गणना साझेदार की निवृत्ति के समय या मृत्यु के समय पर की जाती है।

लाभ प्राप्ति अनुपात = नया अनुपात – पुराना अनुपात

   त्याग अनुपात : – त्याग अनुपात की गणना नए साझेदार के प्रवेश के समय की जाती है

त्याग अनुपात = पुराना अनुपात – नया अनुपात

 Q.2. प्रविवरण शब्द को स्पष्ट करें।

उत्तर : – प्रविवरण का आशय से प्रपत्र से है जो कंपनी के अंशों ऋणपत्रों के अभिदान अथवा क्रय करने के लिए जनता से प्रस्ताव आमंत्रित करता है। प्रविवरण में कंपनी के व्यवसाय की लाभदायकता और सुधृता का वर्णन होता है जिसके आधार पर जनता अंश खरीदने का प्रस्ताव करती है।

Q.3. अंशो के निर्गमन पर प्राप्त प्रीमियम के क्या लाभ है ?

उत्तर : -जब कंपनी की आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है तब उसके अंश अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचे जाते हैं ।अंकित मूल्य से अधिक वसूल की जाने वाली राशि को ही प्रीमियम या अधिलाभ कहते है ।इस प्रकार अंकित मूल्य से अधिक दर पर जारी किए जाने वाले अंशों को प्रीमियम पर निर्गत अंश जाता है।

Q.4. प्रीमियम पर ऋण पत्रों के निर्गमन का क्या तात्पर्य है ?

उत्तर : – जब ऋणपत्रों को उनके अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर निर्गमित किया जाता है तो उसे प्रीमियम पर ऋणपत्रों का निर्गमन करना कहते हैं।

Q.5. बट्टे पर  ऋण पत्रों के निर्गमन का क्या आशय है ,?

उत्तर : – ऋण पत्रों के शोधन की विधियां : 

(1) एकमुश्त भुगतान

(2) अंशो या न ऋण पत्रों में परिवर्तन द्वारा भुगतान

(3) किस्तों में या लॉटरी द्वारा भुगतान

(4) खुले बाजार में अपने ऋण पत्रों के क्रय द्वारा भुगतान

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