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Biology 12th VVI Questions part – 01 (वंशागति का आणविक आधार)

Biology 12th VVI Questions part – 01 (वंशागति का आणविक आधार)


Q.1. निम्न को नाइट्रोजनीकृत क्षार व न्यूक्लिओटाइड के रूप में वर्गीकृत कीजिए ;- (एडेनीन, साइटीडीन, थाइमीन, ग्वानोसीन, यूरेसील व साइटोसीन)।

उत्तर – नाइट्रोजनीकृत क्षार – एडेनीन, थाइमीन, यूरेसील, साइटोसीन।
न्यूक्लिओटाइड – साइटीडीन, ग्वानोसीन।

Q.2. यदि एक द्विरज्जुक DNA में 20 प्रतिशत साइटोसीन है तो DNA में मिलने वाले एडेनीन के प्रतिशत की गणना कीजिए।

उत्तर – चारग्राफ के नियमानुसार द्विरज्जुक DNA में →A + G = T + C = 1 होता है। अर्थात् एडेनीन = थाइमीन,
ग्वानिन = साइटोसीन
चूँकि साइटोसीन की दी गई मात्रा 20% है तो ग्वानिन भी 20% होगा।
ग्वानिन + साइटोसीन = 20 + 20 = 40%
A + G = 100 – 40%
A + G = 60%
चूँकि A = G होता है; अत: एडेनीन की मात्रा = 60/2 = 30% होगी।

Q.3. निम्न के कार्यों का वर्णन (एक अथवा दो पंक्तियों में) कीजिए –

  1. उन्नायक (प्रोमोटर)

  2. अन्तरण आर०एन०ए० (t-RNA)

  3. एक्जॉन (Exons)

उत्तर –

  1. प्रोमोटर – DNA का यह अनुक्रम जीन अनुलेखन इकाई बनाता है तथा अनुलेखन इकाई में स्थित टेम्पलेट व कूटलेखन रज्जुक का निर्धारण करता है।
  2. tRNA – tRNA प्रोटीन संश्लेषण के दौरान अमीनो अम्लों को कोशिकाद्रव्य से राइबोसोम तक स्थानान्तरित करता है।
  3. एक्जॉन (Exon) – एक्जॉन में नाइट्रोजनी क्षारकों का अनुक्रम होता है तथा ये mRNA के संश्लेषण में सहायता करते हैं।

Q.4. निम्न का संक्षिप्त वर्णन कीजिए

  1. अनुलेखन,

  2. बहुरूपता,

उत्तर –

1. अनुलेखन (Transcription) – DNA के रज्जुक में कूट के रूप में निहित आनुवंशिक सूचनाओं का mRNA में प्रतिलिपिकरण, अनुलेखन कहलाता है। इस प्रक्रिया के लिए RNA पॉलीमरेज नामक एंजाइम सहायक होता है। सर्वप्रथम DNA के न्यूक्लिओटाइड्स बनते हैं। तत्पश्चात् DNA रज्जुक अलग होकर साँचे के समान कार्य करने लगते हैं जिसके अनुसार नयी श्रृंखला में क्षारक क्रम व्यवस्थित होते हैं व H-बंधों द्वारा आपस में जुड़ जाते हैं।

2. बहुरूपता (Polymorphism) – जीन जनसंख्या में आनुवंशिक उत्परिवर्तनों का, उच्च आवृत्ति में होना, बहुरूपता कहलाता है। ऐसे उत्परिवर्तन DNA अनुक्रमों के परिवर्तित होने के कारण उत्पन्न होते हैं तथा पीढ़ी-दर-पीढ़ी वंशागत होकर एकत्रित होते हैं तथा बहुरूपता का कारण बनते हैं। बहुरूपता अनेक प्रकार की होती है तथा इसमें एक ही न्यूक्लिओटाइड में अथवा वृहद स्तर पर परिवर्तन होते हैं।

Q.5. आनुवंशिकता के गुणसूत्रीय सिद्धान्त को किसने प्रतिपादित किया ?

उत्तर – सट्टन तथा बोवेरी (Sutton & Boveri, 1902) ने |

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