Download Pdf|कवित्त 12th Hindi Chapter 5|लेखक के बारे में|पाठ का सारांश|VVI Subjectives Questions|VVI Objectives Questions

कवित्त कवि के बारे में

भूषण एक रीतिबद्ध आचार्य कवि थे, जो इस श्रेणी के रीतिकवियों की तरह रस अलंकार- नायिकाभेद आदि का निरूपण करते हुए उदाहरण के रूप में कविता करनेवाले कवियों की परंपरा से ही थे। परंतु अन्य रीतिकालीन कवियों से वे इन अर्थों में विशिष्ट हैं कि उनके आचार्यत्व की जगह उनका कवित्व ज्यादा प्रभावी रहा । दरबारी परंपरा के अनुसार श्रृंगार रस प्रधान रचनाओं की जगह उन्होंने वीर रस को प्रमुखता दी तथा उसी के अनुरूप अपना स्वतंत्र पथ निर्मित किया उन्होंने कविता को जातीय स्वाभिमान, आत्मगौरव, शौर्य और पराक्रम की भावना से पुष्ट करते हुए राष्ट्रीय चेतना से युक्त काव्य की रचना की। ब्रजभाषा में रचना करते हुए उन्होंने विषय और भावों के अनुसार शब्द तथा मुहावरों का चयन किया और उनकी लोकपरकता पर विशेष ध्यान दिया। यही कारण है कि अन्य रीतिकालीन कवियों की अपेक्षा भूषण के कवित्त आज भी लोकमानस की उद्वेलित करते हैं।

 

कवित्त पाठ का सारांश

शिवाजी तथा छत्रसाल अपने युद्ध कौशल तथा वीरता के कारण शत्रु पक्ष के लिए एक प्रबल चुनौती बने रहे। पहले छंद में भूषण शिवाजी के राष्ट्रप्रेम और उनकी वीर तथा प्रतापी योद्धा की छवि का विराट दृश्य उपस्थित करते हैं। शिवाजी की तुलना भूषण ने इन्द्र, बड़वाग्नि, राम, पवन, शंकर, परशुराम, दावाग्नि, चीता, मृगराज (सिंह), तेज तथा कृष्ण जैसे प्रतापी पौराणिक पात्रों और मिथकीय आदर्शों से की है। वे अपने युद्ध कौशल तथा वीरता के कारण शत्रु पक्ष के लिए एक प्रबल चुनौती बने रहे । दरबारी चारण संस्कृति की कविताओं की झलक के बावजूद यह कविता इसलिए विशिष्ट है कि इसमें शिवाजी राष्ट्रीय चेतना के नायक के रूप में चित्रित किये गये हैं। दूसरे छंद में योद्धा छत्रसाल की वीरता का चित्रण है । कवि ने व्यक्ति के कर्म अर्थात् जातीय स्वाभिमान के रक्षार्थ युद्ध और उसमें प्रयुक्त तलवार के पराक्रम की प्रशंसा की है। हालाँकि तलवार चलाने का कार्य व्यक्ति विशेष ही करता है, फिर भी कवि ने तलवार को उपजीव्य बनाकर मानो एक साथ योद्धा की ही प्रशंसा कर दी हो। इस छंद में विषयवस्तु की एकतानता है जो कथ्य के साथ साथ छंद तथा अलंकार योजना में भी दिखाई देती है। उपमाएँ युक्तियुक्त और क्रमशः तीव्रतर होती जाती हैं। यहाँ प्रस्तुत कवित्त में भूषण ने शिवाजी तथा छत्रसाल की वीरता की प्रशंसा को राष्ट्र जातीय स्वाभिमान की प्रतिध्वनि के साथ व्यंजित किया है।

 

कवित्त Subjective Question 

Q. 1. शिवा जी की तुलना भूषण ने किन-किन से की है ?

उत्तर – शिवा जी की तुलना भूषण ने इन्द्र, बड़वाग्नि, राम, पवन, शंकर, परशुराम, दावाग्नि, चीता, मृगराज (सिंह), तेज तथा कृष्ण से की है।

 

Q.2. शिवा जी की तुलना भूषण ने मृगराज से क्यों की है?

उत्तर – शिवा जी अपने युद्ध कौशल तथा वीरता के कारण शत्रु पक्ष के लिए एक प्रबल चुनौती बने रहे। चूँकि भूषण उनके दरवारी कवि थे, अतः अपने आश्रयदाता की वीरता की प्रशंसा तथा उनका उत्साहवर्द्धन करते हुए वे उनकी तुलना बलशाली मृगराज अर्थात् सिंह से करते हैं, जो वितुंड अर्थात् हाथी रूपी शत्रुओं का नाश करने में सक्षम हैं।

 

Q.3. छत्रसाल की तलवार कैसी है? वर्णन कीजिए।

उत्तर – कवि भूषण छत्रसाल के तलवार की तुलना प्रलंयकारी सूर्य के तेज से करते हैं। वह तलवार हाथियों के झुण्ड रूपी अंधेरे को फाड़ डालती है। शत्रुओं के गले को नागिन की फाँस की तरह लपेट लेती है। वह कालिका की तरह शत्रुओं के गले को काट कर मुंडों की माला बनाकर मानो महाकाल शिव अथवा रूद्र के चरणों में आहुति दे रही है।

 

Q.4. नीचे लिखे अवतरणों का अर्थ स्पष्ट करें–

(क) लागति लपकि कंठ वैरिन के नागिनी सी. रुद्रहि रिझाव दे दे मुंडन की माल को ।

उत्तर –  उक्त अवतरण में कवि भूषण योद्धा छत्रसाल के तलवार की प्रशंसा करते हुए कहते हैं कि उनकी तलवार इतनी प्रखर है कि वह नागिन की तरह शत्रुओं के कंठ को लपेट लेती है या शत्रुओं के कंठ पर उनकी तलवार की लपट उन्हें नागिन जैसी लगती है। ऐसा लगता है मानो उनकी तलवार उन शत्रुओं के मुंड काट-काटकर रुद्र शिव को प्रसन्न करने की क्रिया कर रही है।

(ख) प्रतिभट कटक कटीले केले काटि काटि कालिका सी किलकि कलेऊ देति काल को।

उत्तर – उक्त अवतरण में कवि भूषण योद्धा छत्रसाल के तलवार की प्रशंसा करते हुए कहते हैं कि उनकी तलवार इतनी प्रखर है कि वह शत्रु योद्धाओं के कितने ही समूह को काट-काट कर मानो काल के देवता को कालिका के समान उल्लसित होकर कलेवा (भोजन) प्रदान कर रही हो।

 

Q.5. भूषण रीतिकाल की किस धारा के कवि हैं, ये अन्य रीतिकालीन कवियों से किस प्रकार विशिष्ट हैं?

उत्तर – भूपण एक रीतिबद्ध आचार्य कवि थे, जो इस श्रेणी के रीतिकवियों की तरह रस अलंकार-नायिकाभेद आदि का निरूपण करते हुए उदाहरण के रूप में कविता करनेवाले कवियों की परंपरा से ही थे। परंतु अन्य रीतिकालीन कवियों से ये इन अर्थों में विशिष्ट हैं कि उनके आचार्यत्व की जगह उनका कवित्व ज्यादा प्रभावी रहा। दरबारी परंपरा के अनुसार शृंगार रस प्रधान रचनाओं की जगह उन्होंने वीर रस को प्रमुखता दी तथा उसी के अनुरूप अपना स्वतंत्र पथ निर्मित किया। उन्होंने कविता को जातीय स्वाभिमान, आत्मगीरव, शौर्य और पराक्रम की भावना से पुष्ट किया। ब्रजभाषा में रचना करते हुए उन्होंने विषय और भावों के अनुसार शब्द, मुहावरों का चयन किया तथा उनकी लोकपरकता पर विशेष ध्यान दिया। यही कारण है कि अन्य रीतिकालीन कवियों की अपेक्षा भूषण के कवित्त आज भी लोकमानस को उद्वेलित करते हैं।

Q.6. आपके अनुसार दोनों में अधिक प्रभावी कौन है और क्यों ?

उत्तर – मेरे विचार से दूसरा छंद अधिक प्रभावी है, क्योंकि पहले छंद में व्यक्ति विशेष की प्रशंसा ज्यादा दीखती है, जोकि दरबारी चारण परंपरा की याद दिलाती है। जबकि दूसरे छंद में व्यक्ति के कर्म अर्थात् जातीय स्वाभिमान के रक्षार्थ युद्ध और उसमें प्रयुक्त तलवार के पराक्रम की प्रशंसा है। हालाँकि तलवार चलाने का कार्य व्यक्तिविशेष ही करता है, फिर भी कवि ने तलवार को उपजीव्य बनाकर मानो एक साथ योद्धा संज्ञा की ही प्रशंसा कर दी हो। दूसरे छंद में एक ही विषयवस्तु की एकतानता है जो कथ्य से लेकर छंद तथा अलंकार योजना में दिखाई देती है। पहले छंद में उपमाएँ आरोपित लगती हैं, वहीं दूसरे छंद में उपमाएँ युक्तियुक्त और क्रमशः तीव्रतर होती जाती हैं ।

 

कवित्त Objective Question 

1. भूषण का जन्म कब हुआ था?

(क) 1613 

(ख) 1614 

(ग) 1615 

(घ) 1616

उतर -1613

 

2. भूषण का निधन कब हुआ था?

(क) 1705

(ख) 1710 

(ग) 1715 

(घ) 1720

उतर – 1715

 

3. भूषण का जन्म कहाँ हुआ था?

(क) वाराणसी, उत्तर प्रदेश

(ख) काशी, उत्तर प्रदेश

(ग) इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश

(घ) कानपुर, उत्तर प्रदेश

उतर – कानपुर, उत्तर प्रदेश

 

4. भूषण को ‘कवि भूषण’ की उपाधि किसने दी थी?

(क) छत्रपति शिवाजी 

(ख) शाहूजी

(ग) राजा छत्रसाल 

(घ) राजा रुद्रसाह

उतर – राजा रुद्रसाह

 

5. इनमें से कौन भूषण की कृति है?

(क) शिवराज भूषण 

(ख) शिवा बावनी 

(ग) छत्रसाल देशक 

(घ) ये तीनों

उतर – ये तीनों

 

6. भूषण किस काल के कवि थे?

(क) वीरगाथा काल 

(ख) रीति काल 

(ग) भक्ति काल 

(घ) आदि काल

उतर -रीति काल 

 

7. भूषण का प्रिय नायक कौन है?

(क) छत्रपति शिवाजी 

(ख) छत्रसाल

(ग) दोनो

(घ) इनमें से कोई नहीं

उतर -दोनो

 

8. भूषण का आश्रयदाता कौन था?

(क) छत्रपति शिवाजी 

(ख) शाहूजी 

(ग) राजा छत्रसाल

(घ) तीनों

उतर -तीनों

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